जय भूतनाथ बाबा, जय भूतनाथ बाबा |
नंदीश्वर त्रिपुरेश्वर तुम हो भूतेश्वर बाबा || जय भूतनाथ बाबा |
आभूषण रुद्रो के सोहे, गले मुंड माला |
नागराज नागेश्वर तेरे, तन पर मृग छाला || जय भूतनाथ बाबा |
अंग भभूत रमाये रहते, गिरजा के स्वामी |
उमापति गणपति महादेवा, तुम अंतर्यामी || जय भूतनाथ बाबा |
जटा में गंगा धार समाई, मस्तक चंद्र सजे |
मृत्युदेव नटराज तुम्हारे, पग में नूपुर बजे || जय भूतनाथ बाबा ||
डम डम डम डम डमरु बाजे, नट भैरव नाचे |
सुर नर किन्नर तेरे द्वारे वेद मंत्र बजे || जय भूतनाथ बाबा ||
त्रिभुवन की रक्षा करने को, कर त्रिशूल धरा |
महाकाल कालेश्वर तेरा, रूप लगे प्यारा || जय भूतनाथ बाबा ||
तुम शमशान पति हो स्वामी, तुम औघड़दानी |
मृत्युलोक से तुम बिन देवा, मुक्त ना हो प्राणी || जय भूतनाथ बाबा ||
आरती भूतनाथ बाबा की, जो कोई नर गावे |
भक्ति हृदय राजेंद्र समावे , सुख सम्पति पावे || जय भूतनाथ बाबा ||
जय भूतनाथ बाबा, जय भूतनाथ बाबा |
नंदीश्वर त्रिपुरेश्वर तुम हो, भूतेश्वर बाबा || जय भूतनाथ बाबा ||
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बाबा भूतनाथ की आरती |
जय हो बाबा भूतनाथ! जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आपकी आरती करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। बाबा भूतनाथ की आरती का नियमित पाठ करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और भक्त को आत्मिक बल प्राप्त होता है।
🙏 बाबा भूतनाथ की आरती का पाठ करने से जीवन में शांति, समृद्धि और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। जय हो बाबा भूतनाथ की! 🙏